नया मोबाईल (३जी/४जी हैण्डसॅट) साढेतीन मे से एक दशहरे के शुभ-महुरत मे घर आया तब से अबतक केवल गाने सुनने के अलावा कोई काम नही आ रहा! नई टॅक्नोलॉजी के साथ अडजस्ट और पुरानी को हमेशा के लिये अलविदा कहना इतना आसान कहा जनाब. हम तो यू भी दिल से सोचनेवाले लोगो मे से है...
पर पिछले पाच दिनो मे ऐसा लग रहा है मानो मोबाईल तो एक बहाना होगया, हम जो कही समय के साथ पुराने और आऊटडेटेड होते जा रहे थे, हमे अपने आप को दोबारा with certain modifications relaunch करने का मौका मिल गया हो. कई सारी चिजे जानी, कई चिजे जो हमे लगता था हम जानते थे, वे भी नईसी लगी.
यू तो स्मार्टफोन २०१३ से प्रयोग मे ले रहे है पर स्वयं को "स्मार्ट लोगो कि फहरिस्त मे गिनने वाले" हम, और हमारा इसी बात का अहंकार दशहरे पर आया मेहमान तोड गया. सिम "माईक्रो और नेनो" हो गई थी और हम आजतलक "सेंटी" होये बैठे थे. मेरा पुराना मोबाईल और उससे जुडी यादे! एक-एक कर डिलीट करते समय लग रहा था मानो दिलपर कोई बडी बेरहमी से आरी चला रहा हो. कई सारी तसविरे (केमेरा २MP का ही था) जो आप ने मेरे इसी फेसबुक अकाऊंट पर लाईक कि थी कभी उन्हे पिसी पर ट्रासफर किया, कुछ (अप्रकाशीत!) डिलीट की, डाटा बेकॅप लिया, कई नंबर(zombies) जिनसे सदियोसे काम नही पडा (उन्हे भी और मुझे भी) सब कुडेदान मे डाले (उतना ही स्वच्छता अभियान मे मेरा योगदान) . पुराने मोबाईल से नया कई माईनो मे बेहतर है लेकिन फिर भी अभी "वह नया है".
मित्रो इसी पुराने मोबाईल पर ’मेरी-उसकी’ घंटो बाते हुआ करती थी, और मेरे पहले लिखित ब्रेक-अप का साक्षीदार भी यही मोबाईल बना था. जो आजतक एक सच्चे दोस्त कि भाति मेरे साथ हर घडी मे खडा रहा, जिस पर कई बार उसकी गलती ना होते हुये भी मै पागलो कि तरह चिल्लाया था, और जिसने कभी मुझसे कुछ नही मांगा (स्क्रीन गार्ड खराब हुये सालो बीत गये थे, कई दफा गिरने-पडने कि वजह से आई हुई चोटे भी वो चुपचाप सहता रहता) अपने आखिरी दिनो मे बार-बार (hang) दर्द से कहराता वो मेरी नई सेटिंग ना बिगडे इसलिये मौत से लडते हुये आखिरकार (मेरे नागवारे रवयै को देखते हुये)मेरे लिये अपनी जान दे गया (इंसानी फितरत ही फायदा देखती है....कमीना! अब उस (e-waste) ठिकरे का क्या करु? ओ-एल-एक्स पर भी नही बिक रहा).....! और उसकी दशा-दीशा ऐसी बिगडी है कि दिवारपर दादाजी की तसवीर के बगल मे उसकी सेल्फी भी नही टांग सकता. वक्त रहते अगर मै उसका दर्द समझता काश, तो आज मुझे जो शुभमहुरत मे हजारो का फटका पडा है उससे बच जाता...!
खेर जो होता है अच्छे के लिये हि होता है. To ensure you see the latest version you need to clear the cache memory, और ये होता है by doing a force refresh (क्रमशः) by pressing both control (पीताजी) and F5 (माताजी) buttons simultaneously. बडा हलका महसूस कर रहे है, केवल 110 ग्राम का यह नया मोबाईल दिखने मे और सुनने मे फिलहाल तो नईवाली गर्लफ्रेण्ड को भी पिछे छोडता हुआ नजर आ रहा है (वो मुझे इसके लिये अलग से सुनायेगी ही). आनलाईन (बकायदा रिसर्च कर) खरीदा हुआ यह मोबाईल कितना साथ निभाता है यह तो वक्त ही बतायेगा...
बहरहाल अपनी आरामगाह से निकलने (सिम एक्टीवेशन का इंतजार! २जी प्लान और ४जी फोन...कागदी प्रक्रिया आजभी देश मे ०.५जी कि गती से होती है) का इंतजार कर रहा है.
विशेष नोट: मोबाईल धारक पर पिछले सात सालो मे किसी का एक भी रुपया बकाया नही होने के कारण आजभी नंबर वही है....!
विशेष सूचना: मोबाईल सम्बंधित कोई भी जानकारी* (कम्पनी/अथवा स्पेसीफिकेशन्स) यहा नही दी जावेगी.
आप चाहे तो अपने बधाई संदेश इस लम्बी टू-टू के बाद छोड सकते है (पढकर "लाईक" "मार्क" करने पर फेसबुक या Mr. Zuckerberg आपसे कोई अतिरिक्त चार्ज नही करेंगे)
धन्यवाद...!
(Copyright: चेतन फडणीस)
पर पिछले पाच दिनो मे ऐसा लग रहा है मानो मोबाईल तो एक बहाना होगया, हम जो कही समय के साथ पुराने और आऊटडेटेड होते जा रहे थे, हमे अपने आप को दोबारा with certain modifications relaunch करने का मौका मिल गया हो. कई सारी चिजे जानी, कई चिजे जो हमे लगता था हम जानते थे, वे भी नईसी लगी.
यू तो स्मार्टफोन २०१३ से प्रयोग मे ले रहे है पर स्वयं को "स्मार्ट लोगो कि फहरिस्त मे गिनने वाले" हम, और हमारा इसी बात का अहंकार दशहरे पर आया मेहमान तोड गया. सिम "माईक्रो और नेनो" हो गई थी और हम आजतलक "सेंटी" होये बैठे थे. मेरा पुराना मोबाईल और उससे जुडी यादे! एक-एक कर डिलीट करते समय लग रहा था मानो दिलपर कोई बडी बेरहमी से आरी चला रहा हो. कई सारी तसविरे (केमेरा २MP का ही था) जो आप ने मेरे इसी फेसबुक अकाऊंट पर लाईक कि थी कभी उन्हे पिसी पर ट्रासफर किया, कुछ (अप्रकाशीत!) डिलीट की, डाटा बेकॅप लिया, कई नंबर(zombies) जिनसे सदियोसे काम नही पडा (उन्हे भी और मुझे भी) सब कुडेदान मे डाले (उतना ही स्वच्छता अभियान मे मेरा योगदान) . पुराने मोबाईल से नया कई माईनो मे बेहतर है लेकिन फिर भी अभी "वह नया है".
मित्रो इसी पुराने मोबाईल पर ’मेरी-उसकी’ घंटो बाते हुआ करती थी, और मेरे पहले लिखित ब्रेक-अप का साक्षीदार भी यही मोबाईल बना था. जो आजतक एक सच्चे दोस्त कि भाति मेरे साथ हर घडी मे खडा रहा, जिस पर कई बार उसकी गलती ना होते हुये भी मै पागलो कि तरह चिल्लाया था, और जिसने कभी मुझसे कुछ नही मांगा (स्क्रीन गार्ड खराब हुये सालो बीत गये थे, कई दफा गिरने-पडने कि वजह से आई हुई चोटे भी वो चुपचाप सहता रहता) अपने आखिरी दिनो मे बार-बार (hang) दर्द से कहराता वो मेरी नई सेटिंग ना बिगडे इसलिये मौत से लडते हुये आखिरकार (मेरे नागवारे रवयै को देखते हुये)मेरे लिये अपनी जान दे गया (इंसानी फितरत ही फायदा देखती है....कमीना! अब उस (e-waste) ठिकरे का क्या करु? ओ-एल-एक्स पर भी नही बिक रहा).....! और उसकी दशा-दीशा ऐसी बिगडी है कि दिवारपर दादाजी की तसवीर के बगल मे उसकी सेल्फी भी नही टांग सकता. वक्त रहते अगर मै उसका दर्द समझता काश, तो आज मुझे जो शुभमहुरत मे हजारो का फटका पडा है उससे बच जाता...!
खेर जो होता है अच्छे के लिये हि होता है. To ensure you see the latest version you need to clear the cache memory, और ये होता है by doing a force refresh (क्रमशः) by pressing both control (पीताजी) and F5 (माताजी) buttons simultaneously. बडा हलका महसूस कर रहे है, केवल 110 ग्राम का यह नया मोबाईल दिखने मे और सुनने मे फिलहाल तो नईवाली गर्लफ्रेण्ड को भी पिछे छोडता हुआ नजर आ रहा है (वो मुझे इसके लिये अलग से सुनायेगी ही). आनलाईन (बकायदा रिसर्च कर) खरीदा हुआ यह मोबाईल कितना साथ निभाता है यह तो वक्त ही बतायेगा...
बहरहाल अपनी आरामगाह से निकलने (सिम एक्टीवेशन का इंतजार! २जी प्लान और ४जी फोन...कागदी प्रक्रिया आजभी देश मे ०.५जी कि गती से होती है) का इंतजार कर रहा है.
विशेष नोट: मोबाईल धारक पर पिछले सात सालो मे किसी का एक भी रुपया बकाया नही होने के कारण आजभी नंबर वही है....!
विशेष सूचना: मोबाईल सम्बंधित कोई भी जानकारी* (कम्पनी/अथवा स्पेसीफिकेशन्स) यहा नही दी जावेगी.
आप चाहे तो अपने बधाई संदेश इस लम्बी टू-टू के बाद छोड सकते है (पढकर "लाईक" "मार्क" करने पर फेसबुक या Mr. Zuckerberg आपसे कोई अतिरिक्त चार्ज नही करेंगे)
धन्यवाद...!
(Copyright: चेतन फडणीस)
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